सोम · बुध · शुक्र · प्रातः 7–8 बजे · ऑनलाइन
विष्णु सहस्रनाम
श्री हरि के एक हज़ार
पावन नाम सीखें
मूल कथाओं और शब्द-दर-शब्द अर्थ से लेकर लय, गायन और नक्षत्र ज्ञान तक — एक ही पूर्ण पाठ्यक्रम में।
पंजीकरण खुला है · 13 अप्रैल एकादशी से प्रारंभ
1000
पावन नाम
171
शामिल श्लोक
3×
साप्ताहिक सत्र
∞
आजीवन पहुंच
“सहस्रनाम अर्चना तभी पूर्ण होती है जब हम प्रत्येक नाम का अर्थ जानते हैं। यह पाठ्यक्रम आपको दोनों देता है — मंत्र और उसके पीछे का ज्ञान।”
What you'll learn
प्रत्येक नाम के माध्यम से एक पूर्ण यात्रा
सीखने के छह स्तंभ — हर स्तर के भक्तों के लिए व्यवस्थित।
मूल और महत्व
महाभारत की कथाएं और सहस्रनाम के पीछे का गहन आध्यात्मिक संदर्भ
लय और गायन
सही उच्चारण, संगीतमय प्रस्तुति और भक्ति गायन की तकनीक
उच्चारण और अर्थ
श्री हरि के सभी 1000 पावन नामों का शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नक्षत्र संबंध
प्रत्येक नाम में निहित ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि और नक्षत्र संबंध
स्मरण विधियां
संपूर्ण सहस्रनाम को याद रखने और बनाए रखने की भक्तिमय, सरल तकनीकें
आजीवन रिकॉर्डिंग
हर कक्षा के नोट्स और वीडियो रिकॉर्डिंग — जब चाहें, हमेशा के लिए पुनः देखें
Course structure
सब कुछ, सही क्रम में
पारंपरिक क्रम में सिखाया गया — आवाहन से फलश्रुति तक।
संभवादि उवाच
प्रस्तावना और आवाहन
पूर्वन्यासः + ध्यानम्
प्रारंभिक श्लोक और ध्यान मंत्र
श्री हरि के 1000 नाम
संपूर्ण सहस्रनाम — शब्द-दर-शब्द, नाम-दर-नाम
फलश्रुति
श्रद्धापूर्वक पाठ के फल और आशीर्वाद
Schedule
सप्ताह में तीन दिन, प्रातःकालीन सत्र
अपना दिन श्री हरि के नाम से प्रारंभ करें — प्रातः का सबसे शुभ आरंभ।
- ✓ रिकॉर्डिंग तक आजीवन पहुंच
- ✓ सप्ताह-दर-सप्ताह संरचित प्रगति
- ✓ शुभ एकादशी से प्रारंभ
पंजीकरण अब खुला है
श्री हरि के नामों के साथ अपनी यात्रा आरंभ करें
इस पावन अध्ययन यात्रा पर देश भर के भक्तों के साथ जुड़ें — 13 अप्रैल 2026, एकादशी से प्रारंभ।
सुरक्षित Razorpay भुगतान · तत्काल पुष्टि